सोमवार, 23 नवंबर 2009

शनिवार, २१ नवम्बर २००९

अनमोल रिश्ता


पिता संतति का सम्बन्ध है जो ,
पानी - पेड़ में अनुबंध है वो ।

जनक - संतान में सम्बन्ध है जो ,
पालक - आश्रयी का करबंध है वो ।

जीवन उत्पत्ति की करताल है ,
सयमेव झंकृत ताल है ।


आदर और स्नेह का मध्यस्थ है,
अन्य संबंधो से तटस्थ है ।


वो तो है भवजीवन के आरम्भ
का शंखनाद ,
पोषक और पिपासु के
मध्य का अनुनाद ।


संगीत और संगति के
मध्य की लय है ,
आशा और अनुरोध
का विलय है
- केशव जांगिड (कवि और लेखक )
(बालसाहित्य बाल क्लब से पुरुस्कृत - २००८)






3 टिप्‍पणियां:

  1. ब्लॉग जगत में आपका स्वागत है अपने विचारों की अभिव्यक्ति के साथ साथ अन्य सभी के भी विचार जाने..!!!लिखते रहिये और पढ़ते रहिये....

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  2. "पिता संतति का सम्बन्ध है जो..."
    बिलकुल सच कहा है. आपका स्वागत है.

    - सुलभ

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