मंगलवार, 2 मार्च 2010


मनोरंजन कलश का हास्य -व्यंग्य विशेषांक छापकर तेयार है ,जल्द है आपके हाथो में होगा । विनोद बब्बर का मुर्ख आलेख ,डा सुशिल गुरु की नेता की कहानी ,केशव जांगिड की इति श्री व्यंग्य कथा , प्रभा माथुर की कहानी आधी कृति ,लन्दन से शन्नो अग्रवाल की कविता ,नेपाल से उदय पन्त की क्षणिकाए ,कृष्णा सोबती की कृति 'मित्रो मरजानी ' की समालोचना ,शिवानी की कविता ,व्यंग्य श्री पुरूस्कार समारोह की झलकिया ,राजकमल प्रकाशन की साठवी जयंती ,नामवर सिंह की चार पुस्तको का विमोचन ,मुर्ख समेल्लन की खबर और भी बहुत कुछ ,लाखो पाठको की साहित्यिक पत्रिका जो आपको सोचने पर मजबूर कर दे ,आज ही प्रति मंगवाए ,सदस्यता ले ....वार्षिक १०० /- मात्र
कॉल करे .. ०९२१०५००१६३