शनिवार, 2 अक्टूबर 2010

हम ही दोषी ? खेल अच्छे होंगे ?

आज भारत अपनी ५००० साल पुरानी ताकत दिल्ली मे खेलो के आयोजन से दिखाने जा रहा है .हमने चीन की कितनी वाह वाही की थी २००८ मे । और कुछ दोषियों की कारण पूरे देश को ही दाव पर लगा दिया था । आज भारत चीन की राह पर चल रहा है । देश ही नहीं विदेशी भी भारत के रंग मे रंगते नजर आ रहे है । विश्वगुरु एक बार फिर ७२ देशो के साथ खड़ा है । हम जिस थाली मे खाते है उसी मे छेद कर देते है .चीन नए खूब गलतिय की लेकिन अपनी मिडिया तक नही आने दी , वो हमेशा ऐसा ही करता है । हमारी मीडिया नए अपने दायित्व निभाये है । लेकिन कई बार अपने स्वार्थो की पूर्ति भी करती नजर आई । अब सब भूलने का समय है .खेल अच्छे से हो जाए ,देश का नाम रोशन हो जाए । फिर देख लेंगे दोषियों को । कुश हू की मे भी मिडिया मे रहकर दिल्ली मे कवरेज कर रहा हू .... केशव जांगिड (लेखक और पत्रकार )